दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
श्रीसत्यनारायण व्रत, प्रौष्ठपदी पूर्णिमा व्रत, महालय पितृपक्ष आरम्भ, पूर्णिमा का श्राद्ध आदि।
क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
दोस्तों यदि आपको लगता है कि कोई ग्रह या नक्षत्र आपकी जिंदगी में परेशानी खड़ी कर रहा है तो आप सुगंध से
हिंदू धर्म में पितृपक्ष का काफी महत्व होता है, इस साल पितृपक्ष 20 सितंबर से 06 अक्टूबर तक चलेगा, पितृ पक्ष में पित्तरों
श्रीवामन अवतार जयन्ती, पद्मा जलझूलनी एकादशी व्रत (सभी के लिये
आज दशमी तिथि है और दशमी तिथि में कलम्बी (जल में उत्पन्न होने वाली बेल ) का
आज २८:५६ तक जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाषाढ़ नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय,
आज अष्टमी तिथि है और अष्टमी तिथि में नारियल
ताज़ा खबरें लोड हो रही हैं...