पारस पीपल के 21 पत्तों पर ‘ॐ हं हनुमतै नमः’ लिखवाएं. इसके बाद हनुमान जी से सभी संकट दूर करने की प्रार्थना करते हुए उन पत्तों को उसके हाथ से जल में प्रवाहित करवा दें.
बहुत से लोग घर में सुख, शांति और समृद्धि के लिए सत्यनारायण की कथा का आयोजन करते हैं. ऐसे में सत्यनारायण की कथा करते समय कुछ बातों का ध्यान आवश्य रखना चाहिए.