पावर टिलर के माध्यम से किसान खेतों की गहरी जुताई करने के साथ-साथ मिट्टी को बारीक करने और जैविक खादों को समरस रूप से मिलाने में कर रहे हैं। जहां पहले पारंपरिक हल से खेत की जुताई में दो से तीन दिन लगते थे, वहीं अब यह काम कुछ ही घंटों में पूरा हो रहा है।
राज्य के कुल 46 प्रमुख जलाशयों में से झुमका जलाशय में 98.84 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 90 प्रतिशत से अधिक, जबकि छरपानी जलाशय में 91 प्रतिशत से अधिक जलभराव हुआ है।